बुधवार, 14 मार्च 2012

वर्चस्व की जंग में गई शावक की जान

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में घटना
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बार फिर वर्चस्व की जंग में एक नर शावक की मौत हो गई है। पार्क प्रबंधन को घटना की जानकारी मंगलवार सुबह पर्यटकों और जिप्सी चालकों के जरिए लगी। इसके बाद अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण करते हुए लाश को अभिरक्षा में लेकर पोस्ट मार्टम कराया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार संभवत: शिकार के लिए बाघ और शावक के बीच लड़ाई हुई थी, जिसमें 14 माह का शावक मर गया, जिसकी अंत्येष्टि कर दी गई है। पार्क प्रबंधन ने क्षेत्र में पेट्रालिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बाघ के ठिकाने का पता लगाया जा सके। इससे पहले भी वर्चस्व की जंग में एक बाघ की मौत हो चुकी है।
बताया जाता है कि मगधी रेंज बहेरहा क्षेत्र में पटीहा बाघ और शावक के बीच सोमवार देर रात जंग हुई थी। मंगलवार सुबह करीब सात बजे बहेरहा की सड़क किनारे शावक की लाश देखी गई। साथ ही लाश के आस-पास नर बाघ के पगमार्ग और मृत शावक के शरीर पर पंजों के निशान पाए गए हैं। जानकारों के मुताबिक बाघों के बीच अपनी हद बनाने और शिकार को लेकर लड़ाई होती है, जिसमें कमजोर या छोटा बाघ हार जाता है। कई बार उसकी जान भी चली जाती है। इस समय बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में लगभग 13 बाघ शावक हैं, जिनकी उम्र एक साल से ढाई साल के बीच है। फील्ड डायरेक्टर सीके पाटिल ने बताया कि दूसरे बाघ की खोजबीन जा रही ताकि यह पता चल सके कि उसे भी कहीं चोट तो नहीं लगी है।

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